साइकिल चलाओ, सेहत बनाओ, पैसे बचाओ, धरती बचाओ 

नवापारा राजिम। विश्व साइकिल दिवस पर स्थानीय चांदी चौक में प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति में समाज सेवी डॉक्टर राजेन्द्र गदिया द्वारा ब्रह्मदत्त शर्मा द्वारा रचित कविता का विधिवत वाचन करते हुए विमोचन किया गया। डॉक्टर गदिया स्वयं साइकिल चलाते हुए चौक तक पहुंचे एवं पोस्टर कविता का विमोचनकरण पश्चात उन्होंने सभी जनों को व बच्चों को साइकिल की छोटी छोटी प्रतिकृति भी भेंट की, खिलौनानुमा इस साइकिल में टॉफियां भरी हुई थी, सभी ने ब्रह्मदत्त जी की इस सामयिक रचना की मुक्त कंठ से सराहना की।

विप्र समाज के प्रमुख पण्डित श्याम शंकर जी एवं आर बी शर्मा सर ने कहा कि हमारी धरती मां प्रदूषण के विस्फोटों से मूर्छा में जाती जा रही है, विश्वव्यापी ऊर्जा संकट चरम पर है, मंहगाई मार रही है, ऐसे में यह कविता एक समाधान बनकर आई है, पत्रकारिता जगत से जुड़े रमेश पहाड़िया और श्यामकिशोर शर्मा ने कहा कि ब्रह्मदत्त शर्मा बरसों से समय समय पर चौराहों पर पोस्टर कविता लगा कर जनजागरण करते रहे हैं, समाज में अपनी संवेदन शीलता प्रकट करने का पोस्टर कविता एक सशक्त माध्यम है, गंगवाल ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल एवं डीजल का किफायत से उपयोग करने की अपील की है यह कविता उसी का प्रतिफल है सेठ ऋषभचंद्र बोथरा एवं स्वरूपचंद टाटिया ने ब्रह्मदत्त शर्मा के इन साहित्यिक प्रयासों की भूरि भूरि प्रशंसा की, इस अवसर पर सुनील बोथरा, अशोक गोलछा, प्रदीप बोथरा, रमेश चौधरी, प्रफुल्ल बोथरा, तुकाराम कंसारी एवं प्रेम साधवानी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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