रायगढ़। जिले में खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की अवैध कटाई और तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पुलिस और वन विभाग ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश से लकड़ियों की कटाई कराकर उन्हें रायगढ़ के गढ़उमरिया स्थित गोदाम में जमा करता था। इसके बाद लकड़ियों को फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट की आड़ में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में भेजा जाता था।
गोदाम में छापेमारी से हुआ खुलासा
मामला पिछले वर्ष मई 2025 का है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित एक गोदाम में आसपास के वन क्षेत्रों से अवैध रूप से काटी गई खैर और तेंदू की लकड़ियां जमा की जा रही हैं। 5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने गोदाम में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान ट्रक क्रमांक CG 15 DV-7577 में लदे तेंदू प्रजाति के 42 लट्ठे, करीब 1.731 घन मीटर लकड़ी, वजन मशीन, दो कुल्हाड़ी और हथौड़ा बरामद किया गया। वहीं गोदाम से तेंदू और खैर प्रजाति के 146 लट्ठे, करीब 6.741 घन मीटर लकड़ी, 9 चट्टा जलाऊ लकड़ी और कटर मशीन भी जब्त की गई। जांच के दौरान लकड़ियों की आवाजाही से संबंधित ट्रांसपोर्ट परमिट प्रस्तुत किए गए, लेकिन उन पर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं मिले। प्रथम दृष्टया दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा
जांच में पुलिस ने रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ और विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, भरत कुमार मेश्राम फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। इस मामले में थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 490/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस और वन विभाग की इस कार्रवाई को वन संपदा की अवैध कटाई और अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।