कोलकाता से निकले बाइक राइडर्स पहुंचे गंगरेल बांध, दिखा जुनून और प्रकृति प्रेम का संगम, बीजेपी नेता खूबलाल ध्रुव से हुई खास मुलाकात

धमतरी। भारत भ्रमण पर निकले कोलकाता के दो बाइक राइडर्स से बीजेपी नेता खूबलाल ध्रुव ने गंगरेल बांध में खास मुलाकात की। देश के अलग-अलग हिस्सों को बाइक के जरिए जोड़ते हुए यात्रा कर रहे दोनों राइडर्स से ध्रुव ने उनके सफर, अनुभवों और यात्रा के उद्देश्य को लेकर विस्तार से चर्चा की।

मुलाकात के दौरान बाइक राइडर्स ने अपने भारत भ्रमण से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें देश की विविध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से मिलने का अवसर मिल रहा है। उनका उद्देश्य केवल विभिन्न स्थानों की यात्रा करना ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाना भी है।बीजेपी नेता खूबलाल ध्रुव ने कहा कि भारत भ्रमण के दौरान कोलकाता से आए इन दोनों बाइक राइडर्स से मिलना उनके लिए सुखद और प्रेरणादायक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उनके यात्रा अनुभव, सोच और भारत को स्वच्छ एवं हरित बनाने के विजन को जानने का अवसर मिला।

ध्रुव ने कहा कि बाइक से देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देना अपने आप में एक सकारात्मक पहल है। आज जब पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता समाज की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है, ऐसे में युवाओं और यात्रियों की ओर से इस तरह के संदेश को आगे बढ़ाना निश्चित रूप से प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि भारत की खूबसूरती केवल उसके पर्यटन स्थलों में नहीं, बल्कि यहां की विविध संस्कृति, परंपराओं और लोगों के आपसी जुड़ाव में भी है। सड़क मार्ग से देश का भ्रमण करने वाले यात्रियों को अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की वास्तविक तस्वीर को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलता है।

गंगरेल बांध में हुई मुलाकात के दौरान प्राकृतिक वातावरण और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा और पर्यटन स्थलों को देशभर के लोगों तक पहुंचाने में ऐसे यात्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

उन्होंने दोनों बाइक राइडर्स के उत्साह की सराहना करते हुए उनके सुरक्षित और सफल भारत भ्रमण की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे जुनून, सकारात्मक सोच और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को देखकर मन प्रसन्न हुआ। यह यात्रा न सिर्फ व्यक्तिगत अनुभव जुटाने का माध्यम है, बल्कि समाज को स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी बेहतर प्रयास है।

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