धमतरी। मगरलोड पुलिस ने खुद को बजरंग दल और पुलिसकर्मी बताकर लूटपाट एवं अपहरण की वारदात को अंजाम देने वाले दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ मामले में अब तक पांच आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कस चुका है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने एक व्यक्ति से कुल 43,800 रुपये की लूट की थी।
रास्ता रोककर की थी मारपीट और लूट
पुलिस के अनुसार, 3 मार्च 2026 को देवेन्द्र कुमार मारकंडे निवासी छाती, थाना कुरुद, अपने साथियों के साथ पिकअप वाहन से बछड़ों को लेकर मुड़केरा जा रहे थे। इसी दौरान आलेखुंटा-सिंगपुर मार्ग पर सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को “बजरंग दल एवं पुलिस वाला” बताया और देवेन्द्र कुमार व उनके साथियों को डराया-धमकाया। इसके बाद गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने देवेन्द्र का अपहरण कर उसे दुगली की ओर ले गए। रास्ते में उससे 13,800 रुपये नगद और PhonePe के जरिए 30,000 रुपये जबरन ट्रांसफर करवाए गए। इस तरह कुल 43,800 रुपये की लूट की गई।
पहले तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पीड़ित की रिपोर्ट पर मगरलोड थाने में अपराध क्रमांक 40/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले में पुलिस ने पहले ओमकार कुर्रे (40), चांद कुर्रे (19) और राहुल कुर्रे (26) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था।
इन आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल मारुति स्विफ्ट कार, दो मोबाइल फोन और लूटी गई रकम में से 1,000 रुपये नगद, कुल करीब 7.58 लाख रुपये की संपत्ति बरामद कर जब्त की गई थी।
लगातार तलाश के बाद दो फरार आरोपी पकड़े गए
घटना के बाद से विकास आडिल (22) और साहिल अली (23) फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मगरलोड पुलिस ने दोनों की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में दोनों ने पुलिस के सामने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर लूट की रकम में बंटवारे से प्राप्त बची हुई नगद राशि भी बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास आडिल, निवासी ग्राम पाईकभाठा, थाना सिहावा और साहिल अली, निवासी ग्राम पाईकभाठा, थाना सिहावा के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, कुरुद के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।