रायपुर। राजधानी में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। सेंट्रल जेल रायपुर में तैनात जेल प्रहरी के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 95 हजार रुपये पार कर दिए। मोबाइल में पेटीएम, योनो और फोनपे एप के काम नहीं करने के बाद जेल प्रहरी मोबाइल सर्विस सेंटर गया था, जहां मोबाइल को चेक करने के बाद फॉर्मेट किया गया। इसके दो दिन बाद दोबारा बैंकिंग एप डाउनलोड करने पर खाते से रकम गायब होने का पता चला।
मिली जानकारी के अनुसार, सेंट्रल जेल रायपुर में पदस्थ जेल प्रहरी चंद्रकांत सिन्हा ने गंज पुलिस को शिकायत में बताया कि 28 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9 बजे उनके मोबाइल में पेटीएम, योनो और फोनपे एप काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद वह मोबाइल को दिखाने के लिए सर्विस सेंटर पहुंचे।
सर्विस सेंटर में मोबाइल की जांच करने के बाद उसे फॉर्मेट कर दिया गया। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को उन्होंने अपने मोबाइल में दोबारा योनो, पेटीएम और फोनपे एप डाउनलोड किए। एप चालू करने के बाद जब उन्होंने अपना एसबीआई बैंक खाता चेक किया तो खाते से 95,000 रुपये कटे हुए मिले।
खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही उन्हें साइबर ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें साइबर शिकायत नंबर भी प्राप्त हुआ।
शिकायत के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि 29 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11:59 बजे उनके एसबीआई खाते से 95 हजार रुपये की राशि दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। शिकायतकर्ता ने संबंधित खाते के धारक पर धोखाधड़ी कर रकम निकालने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खाते और रकम के लेन-देन से जुड़े विवरण की जांच की जा रही है।