चार दशक के करीब पुलिस सेवा के बाद ASI गंगा राम भगत और प्रधान आरक्षक अवध बिहारी विश्वकर्मा हुए रिटायर

रायगढ़। जिला पुलिस बल रायगढ़ में लंबे समय तक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने वाले सहायक उप निरीक्षक गंगा राम भगत और प्रधान आरक्षक अवध बिहारी विश्वकर्मा सोमवार को पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर पुलिस कार्यालय रायगढ़ में सेवा सम्मान समारोह आयोजित कर दोनों पुलिसकर्मियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया और भावभीनी विदाई दी गई।

समारोह में एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, एडिशनल एसपी (ट्रैफिक) पुष्पेंद्र बघेल, डीएसपी (ट्रैफिक) उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों के लंबे सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

1987 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए गंगा राम भगत

सहायक उप निरीक्षक गंगा राम भगत वर्ष 1987 में जिला पुलिस मुरैना (मध्यप्रदेश) में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने रायगढ़ जिले में सेवाएं दीं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने पुसौर, चौकी रैरूमाखुर्द, कापू और धरमजयगढ़ के अलावा जांजगीर-चांपा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

कर्तव्य के प्रति समर्पण और कार्यकुशलता के चलते उन्हें वर्ष 2006 में प्रधान आरक्षक तथा वर्ष 2015 में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली। मूल रूप से ग्राम जामटोली, थाना कुनकुरी, जिला जशपुरनगर निवासी गंगा राम भगत ने करीब चार दशक तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दीं।

31 वर्षों से अधिक समय तक पुलिस विभाग में रहे अवध बिहारीप्रधान आरक्षक अवध बिहारी विश्वकर्मा वर्ष 1995 में जिला पुलिस रायगढ़ में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2016 में प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने धरमजयगढ़, अजाक, खरसिया, पूंजीपथरा, तमनार और घरघोड़ा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में सेवाएं दीं।अपने 31 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने मैदानी क्षेत्रों में पुलिसिंग को मजबूत करने में योगदान दिया। वर्तमान में वे जगतपुर नयापारा, रायगढ़ में अपने परिवार के साथ निवासरत हैं।

सेवानिवृत्ति नई पारी की शुरुआत

एडिशनल एसपीसमारोह में एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी ने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि अनुशासन, कर्तव्य और जनसेवा के प्रति समर्पण का दायित्व है। दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने अपने लंबे सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियां निभाईं। उनका अनुभव और सेवाभाव पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण विरासत है।उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की एक नई पारी की शुरुआत है। अब दोनों पुलिसकर्मी परिवार और सामाजिक जीवन को अधिक समय दे सकेंगे।

रायगढ़ पुलिस परिवार उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।कार्यक्रम के अंत में दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने आत्मीयता के साथ उन्हें विदाई दी तथा उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *