मुख्यमंत्री को प्रिंसिपल के खिलाफ मिली थी शिकायत, अब जांच शुरू

बिलासपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय दयालबंद की प्राचार्या डॉ. चंदना पाल के खिलाफ मिली शिकायत की जांच अब शुरू होने जा रही है। शिकायत मिलने के करीब तीन महीने बाद शिक्षा विभाग ने तीन प्राचार्यों की कमेटी गठित कर मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में प्राचार्या पर संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा स्कूल में बच्चों को डांटने तथा प्रवेश की लॉटरी प्रक्रिया में मनमानी किए जाने की शिकायत भी की गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्राचार्या स्वयं समय पर स्कूल नहीं पहुंचतीं, जबकि समय पर पहुंचने वाले संविदा शिक्षकों को परेशान किया जाता है। साथ ही पूर्व में मिली शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने और एक शिक्षक के साथ बच्चों द्वारा मारपीट की घटना को दबाने का आरोप भी लगाया गया है।

बताया गया है कि इस संबंध में 22 जून को शिकायत की गई थी, लेकिन लंबे समय तक जांच शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद प्रभारी डीईओ अजय कौशिक ने 27 अगस्त को तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की।

कमेटी में दर्रीघाट स्कूल के प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र गौरहा, बिटकुला स्कूल की प्राचार्या आशा प्रसाद और सेजेस कन्या शाला सरकंडा के प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर को शामिल किया गया है। जांच कमेटी के सदस्य डॉ. राघवेंद्र गौरहा ने बताया कि प्राचार्या से संपर्क किया गया है। कमेटी जल्द ही पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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