दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ ने 23 लाख रुपए से ज्यादा की दवाएं पकड़ी। एक अंतरराष्ट्रीय यात्री इन दवाओं को बिना जरूरी कागजों के इथियोपिया के अदीस अबाबा ले जाने की कोशिश कर रहा था। सीआईएसएफ के जवानों को यात्री के व्यवहार में कुछ संदिग्ध लगा। प्रोफेशनल सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने अदीस अबाबा जा रहे इस यात्री को रैंडम चेकिंग के लिए अलग कर दिया। बैगेज की एक्स-रे स्क्रीनिंग में कुछ तस्वीरें संदिग्ध लगीं। इसके बाद गहन जांच की गई। ईटीडी यानी विस्फोटक ट्रेस डिटेक्शन मशीन में जांच नेगेटिव आई, इसके बावजूद जवानों ने यात्री पर नजर रखी।
इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जब यात्री कस्टम के डिपार्चर एरिया में पहुंचा तो उसे रोका गया। शारीरिक जांच में बैग से करीब 23.04 लाख रुपए कीमत की दवाएं मिलीं। पूछताछ में यात्री इतनी महंगी दवाएं ले जाने का कोई वैध दस्तावेज या पर्चा नहीं दिखा सका। इसके बाद यात्री को बरामद दवाओं के साथ आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम अधिकारियों को सौंप दिया गया। सीआईएसएफ ने कहा कि यह कार्रवाई उनकी सतर्क स्क्रीनिंग और दूसरी एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल का नतीजा है। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स देश की प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्स में से एक है। यह गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और 10 मार्च 1969 को बनाई गई थी।
सीआईएसएफ देश की प्रमुख सुरक्षा बल है जो परमाणु बिजलीघर, अंतरिक्ष केंद्र, तेल क्षेत्र, बंदरगाह और बड़ी इंडस्ट्रीज जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की रक्षा करती है। यह कई व्यावसायिक एयरपोर्ट पर आतंकवाद रोधी व्यवस्था संभालती है, दिल्ली मेट्रो जैसी सेवाओं की सुरक्षा करती है, तय वीआईपी को सुरक्षा देती है।