कबीरधाम। कबीरधाम जिले में नकली नोट तैयार कर उन्हें असली मुद्रा के रूप में चलाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चौकी पोड़ी पुलिस और साइबर टीम ने मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी नकली नोटों की कटिंग कर उन्हें अलग-अलग बंडलों में रखने का काम करता था।
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां-कहां खपाए गए और गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं।
उधारी की रकम लौटाने के नाम पर थमा दिए नकली नोट
मामला कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव की शिकायत से सामने आया। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को ₹3.75 लाख उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर 9 अगस्त को उन्हें पोड़ी स्थित शराब भट्ठी के पास बुलाया गया। वहां सतीश कुमार और उसके साथियों ने काले रंग के बैग में रकम दी। नोटों की जांच करने पर वे संदिग्ध पाए गए। जांच में बैग के अंदर ₹500 के कुल ₹4.50 लाख के नकली नोट मिलने की बात सामने आई।
शिकायत पर चौकी पोड़ी में अपराध क्रमांक 101/2026 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।पुलिस की जांच और पूछताछ में कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, जुलाई 2026 से कुछ आरोपी नया बस स्टैंड के पास किराये के मकान में कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार कर रहे थे। तैयार किए गए नकली नोटों को अलग-अलग जगहों पर असली नोट के रूप में चलाने की योजना बनाई जा रही थी। पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली नोट, प्रिंटर, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल वाहन बरामद किया था। अब तक पुलिस इस मामले में ₹12.50 लाख के नकली नोट बरामद कर चुकी है।
नकली नोटों की कटिंग और बंडल बनाने की थी जिम्मेदारी
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पूछताछ के आधार पर दीपक सतनामी उर्फ दीपक घोसले (46) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कबीरधाम जिले के जेवड़न खुर्द का निवासी बताया गया है। पूछताछ में पुलिस को उसकी कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली कि वह नकली नोट तैयार करने वाले अन्य आरोपियों के साथ किराये के मकान में रहता था। पुलिस के अनुसार, तैयार किए गए नकली नोटों की कटिंग करने और उन्हें अलग-अलग बंडलों में रखने का काम दीपक करता था। आरोपी से पुलिस द्वारा मामले में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
मामले में पुलिस ने पहले ही ₹12.50 लाख के नकली नोट, कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त ईवी कार बरामद की है। प्रकरण में BNS की धारा 318(4), 178, 179, 180, 181 एवं 3(5) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस अब नकली नोटों के नेटवर्क और उनके संभावित वितरण की कड़ियों की जांच कर रही है।