रायपुर। रायपुर की गलियों से निकलकर देश के सबसे बड़े डांस मंचों में अपनी पहचान बनाने वाले रितेश पाल ने अपनी मेहनत, जुनून और प्रतिभा के दम पर ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ की विजेता ट्रॉफी अपने नाम की है। शो जीतने के बाद रायपुर पहुंचे रितेश पाल ने रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपने संघर्ष, डांस के सफर और भविष्य के सपनों को साझा किया। प्रेस क्लब की ओर से रितेश का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें प्रेस क्लब का गमछा पहनाकर सम्मानित किया गया।रितेश का डांस का सफर किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि रायपुर की गलियों और अपने परिवार से शुरू हुआ। बड़े भाई को डांस करते देखकर उनके मन में भी डांस सीखने की ललक जगी।
भाई को अपना पहला प्रेरणास्रोत बताते हुए रितेश ने बताया कि शुरुआत में वह भाई को देखकर उनके स्टेप्स की नकल किया करते थे। धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया और डांस उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। साधन सीमित थे, लेकिन सपने बड़े थे। उन्होंने लगातार अभ्यास किया, छोटी-छोटी प्रस्तुतियों से लेकर बड़े मंचों तक का सफर तय किया और हर पड़ाव पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश जारी रखी। रायपुर की गलियों में शुरू हुआ यही सफर आखिरकार उन्हें देश के प्रतिष्ठित डांस रियलिटी शो के मंच तक ले गया।रितेश ने बताया कि डांस उनके लिए महज एक कला नहीं, बल्कि उनका जुनून है।
‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ में उन्होंने अपने कोरियोग्राफर प्रतीक उटेकर के साथ शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान उन्होंने तीन बार प्रतिष्ठित ‘बैटल ट्रॉफी’ अपने नाम की और लगातार अपने प्रदर्शन से दर्शकों और जजों की सराहना हासिल की। अलग-अलग डांस फॉर्म आजमाते हुए उन्होंने अपनी क्षमताओं को चुनौती दी और आखिरकार ग्रैंड फिनाले में विजेता बनकर उभरे।जीत की खुशी, फैसला मां की सलाह सेविजेता बनने के बाद मिले इनाम को लेकर रितेश ने कहा कि वह अपनी मां से पूछकर ही तय करेंगे कि इस राशि और मिली कार का क्या करना है। उनके लिए मां का आशीर्वाद और सलाह सबसे महत्वपूर्ण है।
रितेश ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे परिवार के सहयोग और विश्वास की बड़ी भूमिका रही है और आगे भी वह महत्वपूर्ण फैसले परिवार की सलाह से ही लेना चाहेंगे।गुरु के साथ मिलकर डांस स्कूल खोलने का सपनारितेश ने भविष्य का अपना एक बड़ा सपना भी साझा किया। उन्होंने कहा कि वह अपने गुरु और कोरियोग्राफर प्रतीक उटेकर के साथ मिलकर रायपुर में एक डांस स्कूल खोलना चाहते हैं। उनका सपना है कि बच्चों को बचपन से ही डांस की व्यवस्थित और बेहतर ट्रेनिंग मिले, ताकि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
रितेश का मानना है कि रायपुर और छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर की है। जिस तरह उन्हें अपने बड़े भाई से प्रेरणा मिली और गुरु प्रतीक उटेकर का मार्गदर्शन मिला, उसी तरह वे भी आने वाली पीढ़ी के बच्चों को सही दिशा देना चाहते हैं।
रितेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गुरु और शो के जजों को देते हुए कहा कि ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ की ट्रॉफी उनके लिए वर्षों की मेहनत और संघर्ष का सम्मान है। उन्होंने करिश्मा कपूर, जावेद जाफरी, गीता कपूर और टेरेंस लुईस के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।