रायपुर। श्रम विभाग के हेल्पलाइन कॉल सेंटर में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन द्वारा टीम लीडर और कॉल सेंटर स्टाफ पर प्रतिदिन अधिक से अधिक टॉक टाइम बनाए रखने का लगातार दबाव डाला जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस दबाव के कारण सेवा की गुणवत्ता और श्रमिकों की समस्याओं के प्रभावी समाधान पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
कर्मचारियों का दावा है कि कॉल की अवधि बढ़ाने और प्रदर्शन संबंधी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। उनका कहना है कि यदि हेल्पलाइन का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर और त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है, तो प्रदर्शन का मूल्यांकन केवल टॉक टाइम के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कॉल सेंटर के संचालन में व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में संबंधित कंपनी, श्रम विभाग और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
श्रमिक हितों से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि कर्मचारियों पर अनुचित कार्यदबाव डाला जा रहा है या हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की अनियमितता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया, प्रदर्शन मानकों और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस मामले में संबंधित कंपनी और श्रम विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।