दुर्ग। दीपावली के त्योहार पर बाजारों में उमड़ी भीड़ के बीच एक चार वर्षीय मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया। बच्चा सुपेला चौक पर अकेले रोता हुआ मिला। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक जवानों ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और काफी प्रयासों के बाद उसे उसकी मां से मिलवा दिया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर मां ने यातायात पुलिस और पुलिस विभाग के प्रति आभार जताया।
ट्रैफिक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दीपावली पर्व के मद्देनजर बाजारों और प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार ड्यूटी की जा रही है।
इसी दौरान सुपेला चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे आरक्षक भापेन्द्र साहू और अजय मंडावी की नजर करीब चार वर्षीय एक बच्चे पर पड़ी। बच्चा अकेले खड़ा होकर रो रहा था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके पास पहुंचकर उसे अपने संरक्षण में लिया और प्यार से पूछताछ करते हुए उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
पुलिसकर्मियों ने यातायात जोन आकाशगंगा के माध्यम से बच्चे की पहचान मोहम्मद रिजवान, पिता मुख्तार कुरैशी, निवासी लक्ष्मी मार्केट सुपेला के रूप में की। इसके बाद उसकी मां पिंकी बेगम से संपर्क किया गया और बच्चे को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
अपने चार साल के बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने यातायात पुलिस के जवानों की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता की हो रही सराहना
दीपावली जैसे व्यस्त त्योहार के दौरान जहां यातायात पुलिस के जवान सड़कों पर व्यवस्था संभालने में जुटे हैं, वहीं आरक्षक भापेन्द्र साहू और अजय मंडावी ने अपनी ड्यूटी के साथ मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए एक परिवार की खुशियां लौटाईं। पुलिसकर्मियों की इस तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना हो रही है।