रायपुर। मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता आयोग के हालिया फैसले के बावजूद पार्किंग शुल्क वसूले जाने का एक और मामला सामने आया है। रायपुर शहर के एक जनप्रतिनिधि ने दावा किया है कि 30 सितंबर की रात सिटी सेंटर मॉल में फिल्म ‘मिर्जापुर’ देखने पहुंचने पर उनसे दोपहिया वाहन के पार्किंग शुल्क के रूप में 20 रुपये लिए गए। जनप्रतिनिधि ने इसकी रसीद भी ‘छत्तीसगढ़ बातचीत’ को दिखाई है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 24 सितंबर 2026 को अंबुजा सिटी सेंटर मॉल से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता आयोग के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मॉल आने वाले उपभोक्ताओं से पार्किंग शुल्क नहीं लेने और निशुल्क पार्किंग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। राज्य आयोग ने पार्किंग शुल्क वसूली को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना था।
जनप्रतिनिधि ने दिखाई 20 रुपये की रसीद
जनप्रतिनिधि के अनुसार, वह बुधवार रात सिटी सेंटर मॉल में फिल्म देखने पहुंचे थे। उन्होंने अपना दोपहिया वाहन मॉल की पार्किंग में खड़ा किया। वाहन पार्क करने के एवज में उनसे 20 रुपये पार्किंग शुल्क लिया गया। शुल्क भुगतान के बाद उन्हें इसकी रसीद भी दी गई। जनप्रतिनिधि ने इस रसीद को ‘छत्तीसगढ़ बातचीत’ के साथ साझा करते हुए मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर सवाल उठाया है।
उपभोक्ता आयोग के फैसले के बाद भी पार्किंग शुल्क?
रायपुर में पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ता आयोग का मामला पहले ही चर्चा में है। अप्रैल 2026 में जिला उपभोक्ता आयोग ने अंबुजा सिटी सेंटर मॉल को पार्किंग शुल्क बंद करने और निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। बाद में सितंबर 2026 में राज्य उपभोक्ता आयोग ने मॉल प्रबंधन की अपील खारिज करते हुए जिला आयोग के आदेश को बरकरार रखा।
ऐसे में सिटी सेंटर मॉल में दोपहिया वाहन से 20 रुपये पार्किंग शुल्क लिए जाने का दावा उपभोक्ता अधिकारों और पार्किंग शुल्क की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।
क्या मॉल प्रबंधन देगा स्पष्टीकरण?
इस मामले में अब मॉल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि राज्य उपभोक्ता आयोग का 24 सितंबर का आदेश किस मॉल और किन परिस्थितियों पर लागू है तथा सिटी सेंटर मॉल की पार्किंग व्यवस्था पर उसका प्रत्यक्ष कानूनी प्रभाव क्या है।