पंजाब। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर शुक्रवार को पठानकोट जाते समय कथित हमले का मामला सामने आया है। बिट्टू भाजपा की ओर से आयोजित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे। यात्रा की शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा की जानी थी।
बिट्टू के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, रास्ते में उनके काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की गई। कार्यालय का दावा है कि बिट्टू की सुरक्षा टीम ने आम आदमी पार्टी (AAP) से कथित तौर पर जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुलिस जानकारी का इंतजार है। कुछ रिपोर्टों में काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके जाने का भी दावा किया गया है। घटना बटाला के पास होने की बात सामने आई है।
सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
घटना के बाद बिट्टू के कार्यालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्यालय की ओर से कहा गया कि यदि बिट्टू के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की होगी। बिट्टू के कार्यालय ने घटना की तत्काल जांच कराने और राजनीतिक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
आज से शुरू हुई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू हुई है। पार्टी के मुताबिक, यह अभियान 13 दिनों तक चलेगा और पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। पहली यात्रा पठानकोट के माधोपुर स्थित एकता स्थल से शुरू की गई, जिसे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हरी झंडी दिखाई। घटना के संबंध में पुलिस की विस्तृत जांच और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।