PM मोदी ने की बड़ी घोषणा, 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी

दिल्ली। 15 अगस्त 2026 पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं कीं. पीएम मोदी ने कहा कि एक साल में 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था की शुरुआत भी की जाएगी.

PM मोदी ने कहा कि एक समय था जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ एयरकंडीशनर चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग हमें बता रहे थे कि ग्लोबलाइजेशन का क्या होगा, लेकिन पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले 1 दशक में ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया. जहां से ग्लोबलाइजेशन की आवाजें आती थीं, अब वो आवाजें सुनाई नहीं देती है, लेकिन दुर्भाग्य से इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने अपना रुतबा दिखाने के लिए संसाधनों को वेपनाइज्ड करने का खेल खेला है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया अपने पास जो कुछ भी है उसे वेपनाइज्ड करने में लगी है. संसाधनों का वेपनाइज्ड, पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां, इतना ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा है. ऐसे समय अगर हम आत्मनिर्भर के मंत्र को लेकर 10 साल सही दिशा में न चले होते तो हम ऐसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कैसे करते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है. 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, इन मजबूत नींव पर खड़ा है. 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है उस सामर्थ्य का हिस्सा है. सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी दिशा तय हो चुकी है. हमें उसे प्राप्त करके रहना है. इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा. हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा. जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं. मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं.

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