रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने विभागीय आदेशों की अवहेलना और सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आरोप में तीन जनपद पंचायत सीईओ को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में मुंगेली जिले की जनपद पंचायत पथरिया के तत्कालीन सीईओ प्रदीप प्रधान, बेमेतरा जिले की जनपद पंचायत बेरला की प्रभारी सीईओ दीप्ति मंडावी और बिलासपुर जिले की जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ सत्यव्रत तिवारी शामिल हैं।
विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान तीनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस दौरान उनके मुख्यालय भी निर्धारित कर दिए गए हैं।
तीनों अधिकारियों के मुख्यालय निर्धारित
निलंबन के बाद प्रदीप प्रधान का मुख्यालय जिला पंचायत सूरजपुर, दीप्ति मंडावी का मुख्यालय अपर विकास आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर और सत्यव्रत तिवारी का मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग निर्धारित किया गया है।
दीप्ति मंडावी ने नई पदस्थापना पर नहीं किया ज्वाइन
विभागीय जानकारी के मुताबिक, दीप्ति मंडावी का 16 जून 2026 को जिला पंचायत बेमेतरा में सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर तबादला किया गया था। आदेश के अनुसार, उन्हें 10 दिनों के भीतर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना था। जिला पंचायत बेमेतरा ने उन्हें उसी दिन कार्यमुक्त भी कर दिया था, लेकिन 30 सितंबर 2026 तक उन्होंने नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं किया। इसे विभागीय आदेश की अवहेलना मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
अधीनस्थ कर्मचारी को कार्यमुक्त नहीं करने पर सत्यव्रत तिवारी पर कार्रवाई
जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ सत्यव्रत तिवारी को अधीनस्थ अधिकारी के तबादले के बाद उन्हें कार्यमुक्त नहीं करने के मामले में निलंबित किया गया है। जानकारी के अनुसार, विकास विस्तार अधिकारी गोपी सिंह क्षत्रीय का 29 सितंबर 2025 को जनपद पंचायत तखतपुर से जनपद पंचायत लोरमी, जिला मुंगेली में तबादला किया गया था। आदेश में उन्हें 10 दिनों के भीतर कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग ने इन मामलों में विभागीय आदेशों की अवहेलना और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है।