रायगढ़। फरार और लंबित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घरघोड़ा पुलिस ने चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी को जशपुर से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामला वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था। नवापारा घरघोड़ा में “शुष्क इंडिया लिमिटेड” नाम की कंपनी के माध्यम से लोगों से कम समय में ज्यादा रकम देने का झांसा देकर निवेश कराया जाता था। कई लोगों ने मासिक किस्त और फिक्स डिपॉजिट के रूप में कंपनी में पैसे जमा किए थे।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2016 में कंपनी का संचालक राजकुमार कोसे निवेशकों की रकम लौटाए बिना फरार हो गया था। बाद में कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ मामला चलने की बात कहकर निवेशकों को रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद घरघोड़ा थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेजों की पड़ताल की गई। आरओसी ग्वालियर से मिली जानकारी में कंपनी के डायरेक्टर के रूप में दिनेश सैनी, नरेंद्र लोधी और सुनील तिवारी के नाम सामने आए। मामले में दिनेश सैनी को वर्ष 2022 में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। इसी बीच घरघोड़ा पुलिस को सूचना मिली कि मामले का फरार आरोपी सुनील तिवारी जशपुर आया हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे जशपुर से हिरासत में लिया और घरघोड़ा थाना लाकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपराध करना स्वीकार किया।